दीवाना मुझसा नहीं (2nd Edition of the 1st part of Rafi Ki Dunia/The World of Rafi)

diwana mujha sa nahi
Cover : Rafi Ki Dunia

Deewana Mujhsa Nahi is 2nd Edition of Rafi Ki Dunia/The World of Rafi (Part 1), compiled, edited and presented by Film Writer and Journalist Vinod Viplav. This is a collection of selected articles in (English and Hindi) on various facets of the life of legendary singer Mohammed Rafi, the incredible range of his voice, the phenomenal repertoire of songs encompassing all genres of music and a huge fan following from across the world cutting across gender and age barriers. Some articles are in English also. Vinod Viplav has also written the first biography of the Mohammad Rafi ‘Meri Awaz Suno’ and biographies of great actor Dilip Kumar, Raj Kapoor and Devanand. There are 172 pages with pictures related to Mohammed Rafi.

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महान गायक मोहम्मद रफी के व्यक्तित्व एवं उनके सुरीले गीतों की दुनिया के विभिन्न रंगों को आपके सामने लाने के प्रयास के तहत ‘‘रफी की दुनिया/द वल्र्ड आफ रफी’’ के पहले भाग का दूसरा संस्करणआपके समक्ष प्रस्तुत है। इसका पहला संस्करण 2018 में प्रकाशित हुआ था लेकिन संगीत प्रेमियों एवं रफी साहब के प्रशंसकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया जा रहा है। पहला संस्करण मैगजीन आकार में प्रकाशित हुआ था लेकिन कई लोगों के सुझाव पर दूसरा संस्करण पुस्तक के आकार में प्रकाशित किया गया है। इसमें प्रथम संस्करण में प्रकाशित सभी आलेखों एवं संस्मरणों को शामिल किया गया है। इस पुस्तक में अनेक संगीत प्रेमियों एवं रफी प्रशंसकों के आलेखों/संस्मरणों/श्रद्धांजलियों को शामिल किया गया है ताकि यह पता चले कि रफी साहब के गुजरने के दशकों बाद भी उनके प्रति दीवानगी का क्या आलम है। इस पुस्तक में अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में लिखे गए आलेखों को शामिल किया गया है ताकि दोनों में से किसी भी भाषा को जानने-समझने वाले पाठक इस पुस्तक का आनंद ले सकें। उम्मीद है कि यह पुस्तक आपको पसंद आयेगी तथा रफी साहब के बारे में अधिक से अधिक जानने की आपकी प्यास कुछ हद तक बुझ पाएगी।

दीवाना मुझसा नहीं रफी की दुनिया/द वल्र्ड आफ रफी के पहले भाग के दूसरे संस्करण की भूमिका

मोहम्मद रफी केवल एक गायक नहीं हैं। वह मिसाल हैं सौहार्द्र और सदभाव की, वह प्रतीक हैं देश की गंगा-जमुनी तहजीब केे, वह प्रेरणा हैं देशप्रेम और देशभक्ति की, वह अराधना हैं ईश्वर और अल्लाह की, वह पुकार है बिछुड़े हुए प्रेमियों की, वह तड़प हैं प्यार पाने को आतुर दिलों की, वह सीख हैं इंसानियत की, वह सूत्र हैं मित्रता और रिश्तों के, वह आह हैं गरीबों और मजलूमों की, वह बुलंद आवाज है हिन्दुस्तान की, वह आदर्श हैं अतीत और वर्तमान के दौर के गायकों के और वह जुनून है संगीत प्रेमियों की। उनकी आवाज ममतामयी मां की ममता, हरदम ख्याल रखने वाले पिता की दुलार, तेज धूप में शीतलता देने वाले बरगद की छांव और कड़ाके ठंड में गर्मी देने वाली अलाव की ताप की तरह राहत प्रदान करती है।
मोहम्मद रफी सुरमई आवाज वाले किसी गायक अथवा सदभाव से भरे दिल वाले किसी इंसान का नाम नहीं बल्कि वह अपने आप में एक पूरी दुनिया समेटे हुए हैं जिसमें लाखों लोगों को दीवाना वाने वाले उनके हजारों गीत हैं, उन गीतों को गा और गुनगुना अपने जीवन के दुःख-दर्द से राहत पाने वाले लोग हैं और उनकी आवाज के लिए सबकुछ कुर्बान करने देने को आतुर उनके चाहने वालों की दीवानगी है। मोहम्मद रफी से बिछुडे हुए कई दशक का समय गुजर चुका है लेकिन आज ऐसा कभी नहीं लगता कि वह हम सबके बीच नहीं हैं बल्कि हर जगह उनकी मौजूदगी महसूस होती है बल्कि यूं कहें कि समय के साथ उनकी मौजूदगी का अहसास गहरा होता जा रहा है। मोहम्मद रफी के गुजरने के बाद से अनगिनत गायक आए लेकिन उनके बाद ऐसा कोई गायक नहीं आया जो दिलो-दिमाग पर उनके जैसा प्रभाव छोड़ पाए। उनके गुजरने के वर्षों बाद भी उनकी दिलकश आवाज और उनके व्यक्तित्व का जादू लोगों के दिलो-दिमाग पर सर चढ़कर बोल रहा है।
मोहम्मद रफी की आवाज ने संगीत प्रेमियों एवं रफी भक्तों के एक ऐसे संसार को रचा है जहां रोटी, कपड़ा और मकान के बाद अगर कोई जरूरत है तो वह रफी की आवाज है। रफी प्रेमियों के लिये वह केवल एक गायक नहीं, एक ऐसा जज्बा है जिसके लिये कुछ भी कर गुजरना कुछ भी नहीं है।
मोहम्मद रफी की इसी दुनिया के कुछ रंगों को आपके सामने लाने के विनम्र प्रयास के तहत ‘‘रफी की दुनिया/द वल्र्ड आफ रफी’’ श्रृंखला के तहत यह पुस्तक आपके समक्ष प्रस्तुत है। यह इस श्रंखला के पहले भाग का दूसरा संस्करण है। इसका पहला संस्करण 2018 में प्रकाशित हुआ था लेकिन संगीत प्रेमियों एवं रफी साहब के प्रशंसकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया जा रहा है।
हालांकि मोहम्मद रफी के गीतों एवं उनके व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों एवं पहलुओं को सन 2005 में प्रकाशित उनकी पहली जीवनी ’‘मेरी आवाज सुनो’’ में समेटने की कोशिश की गई थी लेकिन कई ऐसे पहलू रह गए थे जो उस पुस्तक में नहीं आ पाए थे और इस वजह से ही ‘‘रफी की दुनिया’/द वल्र्ड आफ रफी’ नाम से पुस्तक को तैयार करने का विचार आया। इसमें अनेक संगीत प्रेमियों एवं रफी प्रशंसकों के आलेखों/संस्मरणों/श्रद्धांजलियों को शामिल किया गया है ताकि यह पता चले कि रफी साहब के गुजरने के दशकों बाद भी उनके प्रति दीवानगी का क्या आलम है। इस पुस्तक में अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में लिखे गए आलेखों को शामिल किया गया है ताकि दोनों में से किसी भी भाषा को जानने-समझने वाले पाठक इस पुस्तक का आनंद ले सकें। अब उसी पुस्तक का दूसरा संस्करण आपके समक्ष हाजिर है। पहला संस्करण मैगजीन आकार में प्रकाशित हुआ था लेकिन कई लोगों के सुझाव पर दूसरा संस्करण पुस्तक के आकार में प्रकाशित किया गया है। इसमें प्रथम संस्करण में प्रकाशित सभी आलेखों एवं संस्मरणों को शामिल किया गया है।
‘‘‘रफी की दुनिया/द वल्र्ड आफ रफी’’ का दूसरा भाग भी शीघ्र प्रकाशित होने वाला है। जिन लोगों के आलेख/संस्मरण प्रथम भाग में नहीं आ पाए वे दूसरे भाग में शामिल होंगे। जिन्होंने अपने आलेख/संस्मरण नहीं भेजे हैं वे ईमेल (vinodviplav@gmail.com), वाट्सएप (मोबाइल नम्बर – 9868793203) या डाक से भेज सकते हैं।
उम्मीद है कि यह पुस्तक आपको पसंद आयेगी तथा रफी साहब के बारे में अधिक से अधिक जानने की आपकी प्यास कुछ हद तक बुझ पाएगी।
– विनोद विप्लव

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