तू है दिल के पास (रफ़ी की याद में एक गजल)

क्या थी वो बरसात की रात,वोह तो थी कयामत की रात।जिंदगी और मौत  की उस जंग  में ,खानी पड़ी जिंदगी को मात।  टूट गयी साँसों की डोरी जब,खामोश हुई आवाज़ तो खो गए गीत।दर्द का सागर लहरा  उठा,जब चिर निंद्रा में सो गया हमारा मीत।टूटे हुए अरमानो की नाव ले चली,एक तनहा मुसाफिर को करने... Continue Reading →

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