व्यंग्य – मैं, मैं नहीं हूं

आप जो हैं, वह दरअसल आप नहीं, मैं हूं। मैं जो हूं, दरअसल मै नहीं, कोई और हूं। मेरी कंपनी का जो मालिक है वह दरअसल यहां का चपरासी है और मैं जो इस कंपनी का अदना सा कर्मचारी हूं, सच्चाई यह है कि मैं ही इस कंपनी का मालिक हूं। आप शायद चक्कर में पड़ गये। दरअसल यह घपला पुनर्जन्म के कारण हो रहा है। अगर आप इसे समझ लेंगे तो सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी की तरह हो जायेगा।
पुनर्जन्म हम भारतीयों के लिये अत्यंत प्रिय विष्‍ाय है। इससे आदमी को जीवन में कुछ भी नहीं करने का दुख नहीं होता। जीवन भर निक्कमा-निठल्ला रहने वाला व्यक्ति भी गर्व और संतोष के साथ मर सकता है कि अगले जन्म में वह अमरीका का राष्‍ट्रपति होगा।

राजनीतिक पार्टियों को भी इससे काफी सुविधा होती है, क्योंकि वे अपनी सुविधा के अनुसार तय कर सकती हैं कि फलां इमारत जो इस समय मस्जिद है वह पूर्वजन्म में मंदिर थी और फलां जमीन जिस पर मुसलमानों की बस्ती हैं वह जमीन दरअसल पूर्वजन्म में हिन्दुओं की थी। फलां बंगला जिसमें कोई मुस्लिम या इसाई परिवार रहता है वह दरअसल किसी हिन्दू संगठन के प्रमुख का है।
जहां तक मेरी बात है मैंने भी अपने पुनर्जन्म के बारे में काफी सोचा और एक लोकप्रिय चैनल देखकर सीखा कि पूवर्जन्मों की स्मृतियों को कैसे जिंदा किया जाता है। जब से मैंने अपने पूर्वजन्मों के बारे में जाना है, मेरा दिल बाग-बाग हो रहा है, मेरे पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं। जो लोग मुझे निठल्ला, आलसी, भाग्यहीन, मूर्ख, पागल और न जाने क्या-क्या समझ रहे हैं, वे अब जान लें कि मैं कोई मामूली व्यक्ति नहीं, बहुत बड़ी हस्ती हूं। ये जो करोड़ों-अरबों रुपये का रिलायंस ग्रुप है दरअसल वह मेरा ही है, यह ऐश्‍वर्य राय, जो अपनी सुदंरता से पूरी दुनिया को दीवाना बनाये हुये है वह किसी और की नहीं मेरी ही बीबी है और ये सलमान खान तथा रणबीर कपूर जैसे हीरो जिन-जिन हीरोइनों के साथ प्रेमलीलायें कर रहे हैं दरअसल वे सभी उनकी नहीं, मेरी प्रेमिकायें हैं। जिस जमीन पर दिल्ली का कनाट प्लेस है वह दरअसल मेरी जमीन है। आपको कहां तक गिनाउं कि क्या-क्या मेरा है और क्या-क्या मेरी है। हो सकता है कि आपको मेरे पूर्वजन्म की सच्चाइयों पर विश्‍वास नहीं हो रहा हो, लेकिन अगर दुनिया में कोई सच है तो बस यही है, क्योंकि अगर चैनलों ने कहा है कि पुनर्जन्म होता है, तो बस होता है। चैनलों के इतने महान, जानकार और बुद्धिमान लोग गलत कैसे हो सकते हैं। वे तो सच्चाई की साक्षात प्रतिमूति हैं।
जब से मुझे अपने पूर्वजन्मों की सच्चाइयों का पता चला है तब से मैं यही सोच रहा हूं कि अपनी चीजें कैसे हासिल करूं। इसके लिये मुझे अदालत की शरण लेनी होगी या मानवाधिकार आयोग से गुहार करनी होगी या पहले पुलिस में एफ आई आर दर्ज करानी होगी। अगर आप अभिषेक बच्चन से मेरी पत्नी को, सलमान खान और रणबीर कपूर से मेरी प्रेमिकाओं को और अंबानी बंधुओं से रिलायंस ग्रुप को मुझे वापस दिलाने में मदद करें तो मैं आपसे वायदा करता हूं कि मैं आधी रिलायंस इंडस्ट्रिज और अपनी आधी प्रेमिकाओं को आपको उपहार स्वरूप भेंट कर दूंगा।
– विनोद विप्लव

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