A satire based on Big Boss 2, socalled First TV Realty Show

 

बिग बॉस के बहाने

img_90401_bb2_sambhavna200808बिग बॉस के आलीशान और आरामदेह घर में तीन महीने रहने और उटपटांग हरकतें करने के बाद आशुतोष कौशिक एक करोड रूपये के ईनाम के विजेता बन गये। जिस दिन टेलीविजन चैनलों पर यह खबर दिन-रात दिखायी गयी उसके दूसरे दिन एक राश्ट्रीय अखबार में नेशनल सैंपल सर्वे आरगेनाइजेशन की एक सर्वे रिपोर्ट छपी कि भारत में 30 प्रतिशत से अधिक लोग अमरीकी कैदियों से भी कम जगह में रहते हैं और इनमें से ज्यादातर लोगों को रहने, सोने, रसोई, नहाने-धोने और शौच आदि के लिये औसतन 100 वर्ग फीट की जगह ही नसीब होती है। भारत में लाखों लोग जेल में नहीं होने के बावजूद ताउम्र कैद का जीवन व्यतीत करते हैं लेकिन बिग बॉस ऐसे लोगों पर मेहरबान नहीं होते। बिग बॉस के विजेता आशुतोष के पक्ष में जिन लोगों ने जिस जिन कारणों से वोट किया उनमें सबसे प्रमुख कारण यह था कि आशुतोष को पैसे की सख्त जरूरत है। ठीक है, हर आदमी को पैसे की जरूरत होती है। आशुतोष सहारनपुर में एक ढाबे के मालिक हैं और अगर उन्हें पैसे सख्त की जरूरत है तो फिर मुझ जैसे लोगों को पैसे की कितनी अधिक जरूरत होगी जो ढाबे तो क्या किसी भी चीज के मालिक नहीं है। आश्चर्य है कि इसके बावजूद काफी लोगों ने माना कि उन्हें खुद तो नहीं लेकिन आशुतोष को पैसे की जरूरत है। ऐसे वोटरों से मेरी विनती है कि आशुतोष से कहीं अधिक पैसे की जरूरत मुझे है और अगर वे सभी अपनी तरफ से मुझे केवल उतने ही पैसे भेज दें जितने पैसे आशुतोष के पक्ष में एस एम एस करने में खर्च हुये तो मेरा कल्याण हो जायेगा। पैसे की जरूरत की तीव्रता और अधिक से अधिक समय तक किसी एक मकान में बंद रहने के आधार पर ही ईनाम देना हो इसके सही हकदार आषुतोश ही नहीं मेरे समेत और भी लाखों लोग हैं। पैसे की जितनी जरूरत आशुतोष को है उससे कम से कम एक करोड़ गुना अधिक जरूरत मुझे है और मुझसे भी कई करोड गुना जरूरत भारत में रहने वाले करोड़ों लोगों को है। ऐसे में होना तो यह चाहिये था कि लिये पदक, प्रशस्ति पत्र बगैरह-बगैरह तो आशुतोष को ही दे दिये जाते और एक करोड़ रूपये की नगदी मेरे और अन्य जरूरत मंदो के बीच बांटी जाती क्योंकि आषुतोश पर तो वैसे भी पैसों की बरसात होने वाली है। खैर अभी भी कुछ ज्यादा नहीं बिगड़ा है क्योंकि बिग बॉस थ्री भी शुरू होने वाला है और मेरा निवेदन है कि उसमें मेरी बातों को जरूर ख्याल रखा जाये। वैसे अगर पूर्व मिस वल्र्ड और बिग बॉस के घर से पहले ही बेदखल हो जाने वाली डायना हेडन भी अगर चाहें तो हम जैसे लोगों की जरूरतें पूरी कर सकती हैं। डायना ने बिग बॉस के विजेता की घोषणा होने से कुछ दिन पूर्व कहा था कि उन्हें बिग बॉस के घर से बाहर निकल जाने का कोई मलाल नहीं है क्योंकि उन्हें और पैसे की उतनी जरूरत नहीं है और वह जब चाहें तब बहुत आसानी से एक करोड रूपये कमा सकती हैं। अगर ऐसा है तो उनसे मेरी प्रार्थना है कि हे, डायना। अगर आप आसानी से एक करोड़ रूपये कमा सकती हैं तो कमातीं क्यों नहीं हैं – अपने लिये नहीं तो मुझ जैसे गरीब लेखक के लिये कमाओ। अगर आप एक करोड रूपये कमा लें तो मुझे पूरा एक करोड़ देने के बजाय कुछ लाख या कुछ हजार रूपये ही दे दें तो मेरा काम फिलहाल चल जायेगा। बाकी के पैसे अगर आप खुद नहीं रखना चाहतीं तो अन्य जरूरतमंद भाइयों को दे दें, मुझे कोई एतराज नहीं होगा। ऐसा करने से आपको हजारों लोगों की दुआयें मिलेगीं और साथ ही साथ अगर आप भविष्य में बिग बॉस जैसी किसी प्रतियोगिता में शामिल होंगी तो यकीनन मेरा और मेरे जैसे हजारों लोगों के मूल्यवान वोट केवल और केवल आपको ही मिलेंगे। अगर डायना और आसानी से पैसे कमाने वाले अन्य लोग, जो शायद हजारों में नहीं तो सैकड़ों में तो होंगे ही, ऐसा करने लगें तो क्या भारत में गरीबी का नामों निशान होगा।

विनोद विप्लव

मोबाइल 9868793203

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