DHIBREE NEWS CHANNEL – A Satire

'ढिबरी न्यूज' में भर्ती अभियान by विनोद विप्लव  'ढिबरी न्यूज' मृत्यु लोक, पताल लोक एवं आकाश लोक की अफवाहों और बेसिर-पैर वाली खबरों को प्रचारित-प्रसारित करने वाला एकमात्र प्रामाणिक चैनल, जिसका ध्येय वाक्य है- 'आपको रखे सबसे पीछे'। ढिबरी न्यूज को अपने विस्तार के दूसरे चरण में उटपटांग घटनाओं, भूत-प्रेत से संबंधित बकवासों, अंधविश्वास को... Continue Reading →

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A satire on Bush – George Bush should start a new Business

जॉर्ज बुश का नया रोजगार विनोद विप्लव जॉर्ज बुश ने राष्ट्रपति पद से हटने से पहले ही अपने करियर की अगली पारी के बारे में संकेत दे दिया। अब दुनिया भर के नेता उनसे वह गुर सिखाने की गुजारिश कर रहे हैं, जिसका प्रदर्शन उन्होंने बगदाद में प्रेस कॉन्फरंस के दौरान किया था। ऐसी गुजारिश करने... Continue Reading →

A satire on Greatness.

महानता का जुगाड़  द निया में दो तरह के महान होते हैं। पहले दर्जे के महान बिना कुछ किये महान होते हैं। ये जेनेटिकली महान हैं। ऐसे लोग महान होने के अलावा कुछ और नहीं होते। दूसरे दर्जे के महान वे होते हैं जो कुछ करके महान बन जाते हैं। ये प्रमोटेड अथवा जुगाडु महान... Continue Reading →

Channel persons should dig a Pit in their Studio – A Satire by Vinod Viplav

चैनल वाले अपने स्टूडियो में ही कोई गड्ढा खोद लें टीवी न्यूज चैनलों में काम करने वाले टॉप से बॉटम तक के लोग हमेशा बदहवास रहते हैं। टीआरपी बढ़ने-घटने के साथ इनका रक्त संचार घटता-बढ़ता रहता है। हमेशा इसी जुगाड़ में रहते हैं कि क्या दिखाएं ताकि टीआरपी बढ़े। समय-समय पर कुछ ऐसा घटता रहता... Continue Reading →

Black Ed – by Aatika Ahmed Faruki

थामा है बच्चों ने जो हाथों में छुरा, नर्म सी हथेली पे बंदूक है तो क्या  नन्हें से फरिश्ते थे जो शक्ले खुदा, गया अब ईमान तेरा खुदा हाफिज  कहते हैं खून से आयेगा इंकलाब, लाशे हैं बिछाई कत्ल बेहिसाब  कैसे देगा बंदे अल्लाह को हिसाब, कत्ल है हराम तेरा खुदा हाफिज  जग सारा बैरी... Continue Reading →

A satire based on Big Boss 2, socalled First TV Realty Show

  बिग बॉस के बहाने बिग बॉस के आलीशान और आरामदेह घर में तीन महीने रहने और उटपटांग हरकतें करने के बाद आशुतोष कौशिक एक करोड रूपये के ईनाम के विजेता बन गये। जिस दिन टेलीविजन चैनलों पर यह खबर दिन-रात दिखायी गयी उसके दूसरे दिन एक राश्ट्रीय अखबार में नेशनल सैंपल सर्वे आरगेनाइजेशन की... Continue Reading →

नाटक – विनोद विप्लव (कहानी)

सलिलमा ट्रेजडी किंग था। गांव की नाटक मण्डली का। दूर-दूर तक उसके नाम की धूम थी। सलिममा के अभिनय एवं अन्दाज से ऐसी गहरी पीड़ा और करूणा टपकती थी कि पत्थर दिल दर्शकों की आंखों से भी आंसू टपक पड़ते थे। मरने के अभिनय के मामले में तो कोई उसका सानी नहीं था। देखने वालों... Continue Reading →

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