रफी के नाम, अमन के पैगाम

स्वर्गीय मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि पर आतंकबाद के खिलाफ यूनिक आर्केस्ट्रा ग्रुप ने फैलाया अमन का पैगाम | 

एक शाम अमर गायक मोहम्मद रफी के नाम अमन का पैगाम लेकर राजधानी में घूमा रोड शो का रथ गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अमर गायक स्वर्गीय मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि के अवसर पर यूनिक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप द्वारा “एक शाम मोहम्मद रफी के नाम” अमन का पैगाम जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से रोड शो का आयोजन हुआ रोड शो का रथ शाम ४ बजे रोशनपुरा चौराहा टी.टी.नगर से प्रारम्भ हुआ

भोपाल 01/अगस्त/2008/( ITNN )>>>>  एक शाम अमर गायक मोहम्मद रफी के नाम अमन का पैगाम लेकर राजधानी में घूमा रोड शो का रथ गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अमर गायक स्वर्गीय मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि के अवसर पर यूनिक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप द्वारा “एक शाम मोहम्मद रफी के नाम” अमन का पैगाम जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से रोड शो का आयोजन हुआ रोड शो का रथ शाम ४ बजे रोशनपुरा चौराहा टी.टी.नगर से प्रारम्भ हुआ जिसे गुरुद्वारा हमीदिया रोड के कर्मचारी गुरुभेज सिंह जी, कैथोलिक चर्च म.प्र. के प्रवक्ता फादर आनंद मुंटुगल, म.प्र. मुस्लिम त्यौहार कमेठी के अध्यक्ष हिफ्जुर-रहमान छोटे मियां भाजपा के स्थानीय विधायक उमाशंकर गुप्ता, कांग्रेस के वरिष्ट नेता अकबर मो. खान द्वारा अमन का प्रतीक हरा झंडा दिखाकर रथ को रवाना किया ! इस अवसर पर यूनिक आर्केस्ट्रा ग्रुप के संचालक मोहम्मद अजहर सिद्दीकी ने मोहम्मद रफी का गाया हुआ सदाबहार नगमा “मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो ” गीत गाया गया | ग्रुप के एक अन्य और कलाकार मुकेश भरत ने रफी साहब का यादगार नगमा “दिल का सूना साज़ तराना ढूंढेगा…….मुझको मेरे बाद जमाना ढूंढेगा ……”उपस्थित जनों को सराबोर कर दिया तथा ग्रुप के एक बुजुर्ग कलाकार साजिद अंसारी ने रफी साहब को एक अनोखे अंदाज़ में श्रद्धांजलि देकर “जाने वाले कभी नहीं आते जाने वाले की याद आती है ……..”गाकर सब का मन मोह लिया !
मोहम्मद रफी की २८ वी पुण्यतिथि होने के कारण रोड शो का रथ भोपाल के २८ चौराहों पर पंहुचा जन्हा रफी साहब के सदाबहार नगमों से चौराहों को सराबोर कर दिया साथ ही ग्रुप के कलाकारों ने आतंकबाद से लड़ने का संदेश भी आमजन तक पहुँचाया इस अवसर पर यूनिक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के संचालक मोहम्मद अजहर सिद्दीकी ने कहा कि मोहम्मद रफी जैसी महान हस्तियों के महान संदेश की हम लोगों को महती आवश्यकता है, क्योंकि मोहम्मद रफी मुस्लिम समाज से होते हुए भी २७ भाषाओं में गीत गाये तथा पाँचों वक्त की नमाज के पाबन्द लगभग ९०० भजन मोहम्मद रफी साहब ने गाये हैं जो आज हिंदुस्तान के हर मन्दिर में गूंजतें हैं ! हमारा उद्देश्य आपसी भाईचारा, मोहब्बत, एक-दुसरे के प्रति वफादारी तथा देश हित है इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हम ये आयोजन करते हैं !

साभार – http://insighttvnews.com/go.php?show=citynews&id=1601रफी के नाम - अमन के पैगाम

 

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3 thoughts on “रफी के नाम, अमन के पैगाम

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  1. बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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